परिचय

हर्षनाथ मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में हर्षगिरि पर्वत की ऊँचाई पर स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। इसका निर्माण विक्रम संवत 1030 (973 ई.) में शैव साधु भावरक्त (अल्लाटा) द्वारा चौहान शासक विग्रहराज प्रथम के शासनकाल में करवाया गया था। मंदिर अपनी उत्कृष्ट नागर शैली की वास्तुकला और भव्य मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है। गर्भगृह, महा-मंडप और रंगमंडप वाले इस मंदिर के खंभों व दीवारों पर देवी-देवताओं, अप्सराओं, नर्तकियों और कीर्तिमुख की मनमोहक मूर्तियाँ उकेरी गई हैं। कहा जाता है कि यहाँ शिवजी ने राक्षसों का संहार कर देवताओं को विजय दिलाई, जिससे देवगण हर्षित हुए और यह पर्वत “हर्ष पर्वत” तथा शिवजी “हर्षनाथ” कहलाए। मुगल काल में औरंगज़ेब के आक्रमण से मंदिर का शिखर और कई मूर्तियाँ खंडित हो गईं, परंतु 18वीं शताब्दी में राजा राव शिवसिंह ने इसके निकट एक नया शिव मंदिर बनवाया। आज भी यह स्थान अपनी ऐतिहासिक भव्यता, स्थापत्य कला और धार्मिक आस्था के कारण श्रद्धालुओं व पर्यटकों को आकर्षित करता है।