हर्षनाथ मंदिर और हर्ष पर्वत पर विभिन्न सरकारी विभाग सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जो इसके संरक्षण, विकास और प्रबंधन में योगदान देते हैं:
1. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI)
हर्षनाथ मंदिर का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन है। यह विभाग मंदिर के ऐतिहासिक और वास्तुशिल्पीय महत्व को संरक्षित करने के लिए जिम्मेदार है।
2. वन विभाग
हर्ष पर्वत का स्वामित्व और नियंत्रण राजस्थान राज्य वन विभाग के पास है। यह विभाग पर्वत क्षेत्र की जैव विविधता, वनस्पति और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कार्य करता है। यहां वन्यजीवों की प्रजातियों जैसे कि तीतर, बटेर, मोर, गीदड़, लोमड़ी, और सर्प पाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, वन विभाग ने पर्वत पर एक अतिथि गृह और प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया है।
3. पुलिस विभाग
सीकर जिला पुलिस ने हर्ष पर्वत पर वीएचएफ संचार रिपीटर केंद्र स्थापित किया है, जो 24 घंटे कार्यरत रहता है। यह केंद्र जिले के विभिन्न थानों और चौकियों के बीच निरंतर संचार बनाए रखने में मदद करता है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव होती है।
4. विद्युत विभाग
विद्युत उत्पादन के लिए, विदेशी कंपनी इनरकोन ने हर्ष पर्वत पर पवन चक्कियां स्थापित की हैं। यह पवन ऊर्जा को विद्युत में परिवर्तित करती हैं, जो 132 केवी जीएस खुड को आपूर्ति की जाती है।
5. पर्यटन और सड़क निर्माण
हर्ष पर्वत तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग का निर्माण समाजसेवी स्वर्गीय बद्रीनारायण सोढ़ाणी द्वारा अमेरिकी संस्था कासा की सहायता से किया गया था। इस सड़क मार्ग का जीर्णोद्धार 2011 में जिला कलेक्टर धर्मेंद्र भटनागर द्वारा वन विभाग के सहयोग से किया गया।
इस प्रकार, हर्षनाथ मंदिर और हर्ष पर्वत पर विभिन्न विभाग मिलकर इसके संरक्षण, विकास और प्रबंधन में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।
